औरों की तरह गवर्नमेंट जॉब का कभी नहीं था सपना, दूसरों के परिवार भी पलें, तो शुरू किया बिजनेस अपना
परिवार की परंपरा से हटकर एक अलग राह
परिवार में शुरू से ही सरकारी नौकरी को अहमियत दी जाती रही। दादा से लेकर पिता तक ने अच्छे पदों पर सरकारी विभाग और बैंक में काम कर अपने बेहतरीन करियर बनाए।
लेकिन 26 साल के अवनीश कुमार राव ने परिवार की परंपरा से हटकर एक सपना देखा — सपना अपना बिजनेस शुरू करने का। और अवनीश को अपना यह सपना पूरा करने का साहस और सहयोग दिया – मुख्यमंत्री युवा उद्यमिता विकास अभियान यानि सीएम युवा योजना ने।
शिक्षा और पहली कोशिशें
आज़मगढ़ के बलरामपुर गांव निवासी अवनीश ने बीए व एमए की पढ़ाई के साथ ही आईटीआई का प्रशिक्षण भी लिया है। एक मल्टी लेवल मार्केटिंग से काम की शुरूआत की तो वहीं से अपना नाम, अपना ब्रांड और अपनी पहचान बनाने का सपना देखा। इसके बाद एक प्राइवेट बैंक में 1 साल नौकरी की लेकिन वहां भी मन नहीं लगा।
सीएम युवा योजना से मिली राह
एक दिन सोशल मीडिया में सीएम युवा स्कीम के बारे में पता चला। अवनीश ने जिला उद्योग केंद्र में जाकर बात की। यहां के अधिकारियों और यूपीकॉन के फाइनेंशियल एक्सपर्ट ने अवनीश को इस योजना से जुड़ने की सारी अहम जानकारियां दी और मदद की।
अवनीश ने एक हफ्ते की ट्रेनिंग के बाद यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया से स्वीट बिजनेस के लिए लोन अप्लाई किया। 4.50 लाख रुपए का लोन मंजूर होते ही अवनीश ने अप्रैल 2025 को अपना बिजनेस शुरू किया।
एक साल बाद — क्या बदला?
अवनीश का बिजनेस उम्मीद से बेहतर चल रहा है। मिठाई के साथ ही भोजन परोसने का बिजनेस भी शुरू हो गया है जिसमें कुल 5 लोगों को रोजगार मिला है। साथ ही एक ऑटो किराए पर दिया है — इससे भी एक को रोजगार मिला।
मिडिल क्लास के लिए सरकारी नौकरी की बड़ी अहमियत होती है। लेकिन मैं कुछ अलग करना चाहता था — कुछ ऐसा जिससे मैं दूसरों को भी उनका परिवार पालने में मदद कर सकूं। यूपीकॉन, जिला उद्योग केंद्र और सीएम युवा स्कीम के बिना मैं अपने इस सपने को शायद पूरा नहीं कर पाता।— अवनीश कुमार राव, उद्यमी